Omega-3 Fatty Acid Benifits In Hindi |ओमेगा -3 फैटी एसिड के फायदे

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आजकल की जीवन शैली में स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक हो गया है। वातावरण का प्रभाव खानपान की अव्यवस्था तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण कई गंभीर बीमारियां हमें अपनी चपेट में ले लेती है जैसे हृदय घात ,उच्च रक्तचाप HIGH BLOOD PRESURE , मधुमेह या डायबिटीज जैसी बीमारियाँ प्रमुख है। 

अधिकतर तले पदार्थ व विभिन्न प्रकार की मिठाईयां तथा वसीय या फैटी पदार्थों का सेवन हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है तथा वह उसके लिए उसे पोषक भोजन का सेवन करना अति आवश्यक है। 

शाकाहारी भोजन हर आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभदायक होता है पूर्णता शाकाहारी पदार्थ ही स्वास्थ्यवर्द्धक होते हैं इस प्रकार के भोजन करने से कई प्रकार की बीमारियों को रोका जा सकता है। 

ओमेगा 3 वसीय अम्ल के फायदे Omega-3 Fatty Acid Benifits :

ओमेगा 3 वसीय अम्ल सामान्य जैविक कार्यों की अतिरिक्त कई अन्य कार्यों के लिए भी आवश्यक होते हैं यह हमारे शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने कुछ प्रकार के कैंसर को रोकने, नींद बढ़ाने ,सूजन कम करने ,गठिया रोग में आराम देने, त्वचा ,नाड़ियों , शिराओ तथा पूरी आंत में चिकनाहट पैदा करने ,हृदय संबंधी रोगों को रोकने ,एकाग्रता बढ़ाने ,अल्जाइमर ,अवसाद तथा अन्य लोगों को रोकने उच्च रक्तचाप तथा कोलेस्ट्रॉल कम करने वह विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं दूर करने के साथ मस्तिष्क के सामान्य रूप से कार्य करने के लिए भी आवश्यक है। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्था द्वारा प्रत्येक सामान्य व्यक्ति को अपने भोजन में लगभग 4 ग्राम omega-3 fatty अम्ल का प्रयोग करना चाहिए यह मात्रा सूरजमुखी के तेल तथा सालमन मछली द्वारा प्राप्त हो सकती है। 1 बड़े चम्मच सनविज में 3 से 5 ग्राम ओमेगा-3 वसा तथा  190 ग्राम सालमन मछली से 1.5 ग्राम omega-3 वसीय अम्ल मिलता है। 

ओमेगा 3 वसीय अम्ल के स्रोत Source Of Omega 3 Fatty Acid :

  • ओमेगा 3 फैटी एसिड सामान्य रूप से मछली वनस्पतियां अखरोट मूंगफली तथा अन्य कड़े छिलके वाले पदार्थों के बीजों में ओमेगा-3 वर्षी अम्ल पाया जाता है। 
  • यदि हम मछलियों की बात करें तो ठंडे जल की मछलियां जैसे सालमन,मैकरेल,हालीबट ,सरडाइन,टूना व हेरिंग नामक मछलियों में ओमेगा 3 वसीय अम्ल पाया जाता है।  
  • इसके अलावा शाकाहारी स्रोतों की बात करें तो सूरजमुखी के बीज से प्राप्त ओमेगा 3 वसीय अम्ल शरीर के अंदर जाकर उसी प्रकार के omega-3 अम्ल में बदल जाते हैं जैसे कि समुद्री भोजन में होते हैं अतः शाकाहारी व्यक्तियों को मांसाहारी भोजन की आवश्यकता नहीं होती ,इनको स्वास्थ्य रहने के लिए मांस ,मछली का तेल आदि खाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।  बिना साफ किया वह सूरजमुखी का तेल सर्वोत्तम होता है इसमें ओमेगा-3 सबसे अधिक होता है। 
  • सूरजमुखी SUNFLOWER का बीज SEED मुख्यतः मुख्यतः दो प्रकार का होता है पहला भूरा तथा दूसरा पीला या सुनहरा दोनों प्रकार में समान पोषक तत्व तथा छोटी श्रंखला वाले ओमेगा 3 वसीय अम्ल होते हैं। इसके अलावा इसमें अन्य पोषक तत्व जैसे विटामिन बी 6 मैग्नीशियम तथा फोलेट उपस्थित रहते हैं। 
  • शाकाहारी स्रोतों में मुख्यतः पटवा का बीज पटवा का तेल जिसमें 57% ओमेगा 3 वर्षीय मिल पाया जाता है ,जबकि मछली के तेल में 100% होता है सोयाबीन में 7% तथा अखरोट में 10% ओमेगा-3 अम्ल पाया जाता है।
  • इसके आलावा ओमेगा 6 की उपस्थिति सफोला तेल में 75% सूरजमुखी में 65% , मकई में 54% , बिनौला में 50% ,मूंगफली में 32% , अखरोट में 52% होता है। मछली के तेल में ओमेगा -6 शून्य होता हैं। 


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