वंदना कटारिया का जीवन परिचय, हॉकी खिलाड़ी, उम्र, जाति, परिवार, अवार्ड्स | Vandana Katariya Biography In Hindi

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वंदना कटारिया का जीवन परिचय, हॉकी खिलाड़ी, उम्र, जाति, परिवार, अवार्ड्स [Vandana Katariya Biography In Hindi] (hockey player, Birth, Age, Caste, Family, Awards)

वंदना कटारिया एक भारतीय महिला हॉकी टीम की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है। वंदना का जन्म 15 अप्रैल 1992 को उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जनपद में हुआ था। टोक्यो ओलंपिक 2021 में वंदना ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया। टोक्यो ओलंपिक के अपने इस मैच में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए हैट्रिक लगाई और इतिहास रच दिया। ओलंपिक खेलो के इतिहास में हैट्रिक करने वाली वंदना पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बन गयी ।

image credit : instagram

वंदना कटारिया का जीवन परिचय

(Vandana Katariya Biography In Hindi)

नाम (Name) वंदना कटारिया
(Vandana Katariya)
जन्म (Born) 15 अप्रैल 1992
जन्म स्थान
(Birth Place)
रोशनाबाद, हरिद्वार (उत्तराखंड)
गृहनगर (Hometown) रोशनाबाद, हरिद्वार (उत्तराखंड)
उम्र (Age) 30 वर्ष (2022)
पेशा (Profession) हॉकी खिलाड़ी
(Hockey Player)
हाइट(Height) 5 फिट 3 इंच, 1.59 मीटर
वजन (Weight) 50 kg
जर्सी नंबर
(jersey number)
#16
खेल पोजीशन फॉरवर्ड
कोच (Coach) कृष्ण कुमार
प्रदीप चिन्योति
जाति (Caste) दलित
धर्म (Religion) हिंदू
राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
पुरस्कार (Awards) अर्जुन पुरस्कार (2021)
पद्म श्री (2022)

वंदना कटारिया का परिवार (Vandana Katariya Family)

पिता (Father’s Name) नाहर सिंह कटारिया (Nahar Singh Kataria)
(बीएचईएल कंपनी में मास्टर टेक्नीशियन) वर्ष 2021 में निधन हुआ
माता (Mother’s Name) सौरण देवी
बड़ी बहन (Elder sister) रीना कटारिया
(भोपाल एक्सीलेंसी में हॉकी कोच)
छोटी बहन (Younger sister) अंजलि कटारिया
(हॉकी खिलाड़ी)
भाई (Brother) सौरभ कटारिया
(फुटबॉल खिलाड़ी व कोच)
पंकज कटारिया
(कराटे खिलाड़ी)

वंदना कटारिया का प्रारंभिक जीवन (Early life)

वंदना कटारिया पढ़ने के दौरान स्कूलों में खो-खो की प्रतियोगिता में हिस्सा लेती थी। एक दिन जब वह स्पोर्ट्स स्टेडियम रोशनाबाद में खो खो की प्रतियोगिता में खेल रही थी तब जिला खेल अधिकारी कृष्ण कुमार ने उन्हें देखा वह उनकी फुर्ती से काफी प्रभावित हुए और हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया।

वंदना कटारिया एक साधारण परिवार से हैं इनके खेल की शुरुआत खो-खो से हुई थी 2002 में खो खो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वंदना ने रिकॉर्ड बनाया था। वंदना ने उत्तराखंड के लिए भी तीन राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेले ,2002 से 2005 तक वंदना ने रोशनाबाद स्टेडियम में खेल की बारीकियां सीखी ,इस दौरान वंदना ने तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया ,2004 में सहारनपुर में हुई ऑल इंडिया टूर्नामेंट में वंदना ने हरियाणा के खिलाफ दो गोल दागकर टीम को जिताया .

खेल सुविधा न मिलने पर 2005 में लखनऊ हॉस्टल में वंदना ने एडमिशन लिया , 2006 में पहली बार इंडिया कैंप में आने के साथ वंदना जूनियर टीम में चुनी गई, 2008 में मुंबई रेलवे ने वंदना को अपने साथ जोड़ लिया और 2010 में सीनियर टीम की सदस्य बन गई, वंदना ने ऑस्ट्रेलिया में जूनियर चैंपियनशिप ,इटली ,अमेरिका एवं ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में भी शानदार प्रदर्शन किया।

2013 में जर्मनी में हुए जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के 4 मैचों में 5 गोल करके लेफ्ट इन खेलने वाली वंदना ने अपने खेल का जलवा बिखेरा। उनका पूरा परिवार खेल से जुड़ा है, वंदना कटारिया के पिता बताते हैं कि उनकी पांच संताने खेल से जुड़ी हैं जिनमें रीना कटारिया ,अंजलि कटारिया ,पंकज कटारिया ,सौरभ कटारिया और वंदना कटारिया सभी खेल से जुड़े हैं।

वंदना कटारिया का करियर

वंदना 2013 में देश में सबसे अधिक गोल करने में सफल रही थी। यह जूनियर महिला विश्व कप में कांस्य पदक विजेता बनी जो प्रतियोगिता जर्मनी में हुई थी।और इन्होंने 5 गोल करके इस स्पर्धा में तीसरा ,सबसे अधिक गोल किया। यह अब तक 130 स्पर्धा में 35 गोल करने में सफल रही है।

वंदना ने पहली बार जूनियर अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 2006 में भाग लिया और सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 2010 में भाग लिया। इन्होंने 100वी टोपी कनाडा के खिलाफ 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में ग्लास्गो ,स्कॉटलैंड में जीती थी। इन्होंने सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

वंदना के कोच प्रदीप चिन्योति ने उन्हें एक स्कूल टूर्नामेंट में देखा और पहली बार भारत की तरफ से खेलने में उनकी मदद की और उन्हें उचित प्रशिक्षण के लिए मेरठ शिफ्ट कर दिया ,2004 में कटारिया मेरठ पहुंच गई और कड़ी मेहनत की जिसके बाद उन्हें 2013 में कांस्य पदक मिला और वह चार मैचों में 5 गोल के साथ भारत की शीर्ष गोल स्कोरर रही।

वंदना अर्जेंटीना की सुपरस्टार लुसियाना आयमार से प्रेरणा लेती हैं। वंदना ने रियो 2016 के बाद भारत की महिला हॉकी टीम का नेतृत्व भी किया। 2016 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए सुशीला चानू की भूमिका निभाई, इनके नेतृत्व में भारत ने फाइनल में चीन को 2-1 के अंतर से हराकर 2016 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 23 नवंबर से 30 नवंबर 2016 तक मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम के कप्तान के रूप में इन्हें रखा गया।

टोक्यो ओलंपिक 2021 में रिकॉर्ड :

वंदना कटारिया की ऐतिहासिक हैट्रिक के दम पर भारत ने करो या मरो के मुकाबले में निचली रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका टीम को 4-3 से हराकर टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। वंदना ने 4 वे ,17 वे और 49 वे में मिनट में गोल किया। वह ओलंपिक के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। भारत ने ग्रुप चरण में पहले तीन मैच हारने के बाद आखिरी दो मैचों में जीत दर्ज की।

वर्ल्ड रैंकिंग (World Ranking)

टोक्यो ओलंपिक 2021 में हैट्रिक लगाने के बाद वंदना कटारिया पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बन गई है जिन्होंने तीन गोल एक साथ कर दिए हैं और यह इतिहास रच दिया है।

वर्ष पदक प्रतियोगिता स्थान
2013 कांस्य पदक जूनियर विश्व कप मोनचेंग्लादबाक
2014 कांस्य पदक एशियाई खेल इंचियोन
2017 स्वर्ण पदक एशियाई कप गिफू
2018 रजत पदक एशियाई खेल जकार्ता

उत्तराखंड सरकार द्वारा वंदना कटारिया को दिया जाने वाला पुरस्कार :

  • उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया को 25 lakh रुपए की धनराशि पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की है , इसके साथ ही उन्हें 8 अगस्त 2021 के दिन तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित जाएगा यह सम्मान उत्तराखंड में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है।
  • वंदना कटारिया को ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी ने भी 11 लाख रुपए की पुरस्कार राशि सम्मान स्वरूप प्रदान की है।

अर्जुन पुरस्कार,पद्मश्री से सम्मानित

  • वंदना कटारिया को वर्ष 2021 का अर्जुन पुरस्कार महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी के द्वारा 13 नवंबर 2021 को राष्ट्रपति भवन दिल्ली में प्रदान किया गया।
वंदना कटारिया को अर्जुन पुरस्कार देते हुए महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इमेज क्रेडिट: इंस्टाग्राम
  • वर्ष 2022 में वंदना कटारिया को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
पद्मश्री सम्मान प्राप्त करते हुए वंदना कटारिया इमेज क्रेडिट: इंस्टाग्राम

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FAQ :

Q : वंदना कटारिया कहां की रहने वाली हैं ?

Ans : हरिद्वार (उत्तराखंड)

Q : वंदना कटारिया की उम्र कितनी है ?

Ans : 30 वर्ष (2022)

Q : वंदना कटारिया का संबंध किस खेल से है ?

Ans : हॉकी (Hockey)

Q : वंदना कटारिया को अर्जुन पुरस्कार किस वर्ष मिला ?

Ans : 2021

q : वंदना कटारिया को पद्मश्री कब दिया गया ?

Ans : 21 मार्च 2022

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