लवलीना बोरगोहेन का जीवन परिचय, भारतीय मुक्केबाज, उम्र, परिवार, करियर, अर्जुन अवॉर्ड, नेटवर्थ, हसबैंड, वेट कैटेगरी, कोच, गेम, अचीवमेंट्स, धर्म, मेडल, टोक्यो ओलंपिक प्रदर्शन, शिक्षा, बहन, हाइट, राज्य [Lovlina Borgohain Biography In Hindi] (Indian Boxer, Age, Family, Husband, Arjuna Award, Career, Net Worth, Coach, Weight, Category, Game, Achievements, Religion, Medal, Tokyo Olympic Performance, Education, Sister, Height, State, instagram)
लवलीना बोरगोहेन एक भारतीय मुक्केबाज़ हैं। जिन्होंने 2018 के AIBA विश्व महिला मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप एवं 2019 के AIBA विश्व महिला मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इन्होंने दिल्ली में हुए प्रथम भारतीय ओपन अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता और गुवाहाटी में हुए द्वितीय भारतीय ओपन अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट में रजत पदक जीता। इन्होंने 69कि०ग्रा० वेल्टरवेट श्रेणी में तृतीय स्थान अंकित किया।
वह असम से पहली ऐसी महिला बनी जिसने ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया और शिवा थापा के बाद राज्य की दूसरी मुक्केबाज़ जिसने देश का प्रतिनिधित्व किया। 2020 में अर्जुन अवार्ड प्राप्त करने वाली वह असम की छठी व्यक्ति बनी। टोक्यो ओलंपिक 2020 -2021 मे बोरगोहेन ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता है।
बाॅक्सर विजेन्द्र कुमार (2008) व एम सी मैरिकाॅम (2012) के बाद बाक्सिंग मे भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाली वह तीसरी भारतीय व दूसरी भारतीय महिला खिलाडी है। टोक्यो ओलंपिक मे भारत के लिए यह तीसरा पदक है।

लवलीना बोरगोहेन का जीवन परिचय
पूरा नाम (Full Name) | लवलीन बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) |
जन्म (Birth) | 2 अक्टूबर 1997 |
जन्म स्थान (Birth Place) | गोलाघाट, असम, भारत |
गृहनगर (Hometown) | गोलाघाट, असम |
उम्र (Age) | 25 वर्ष |
पेशा (Profession) | मुक्केबाज (Indian Boxer) |
भार वर्ग (Weight Category) | 69 kg |
हाइट (Height) | 5 फुट 10 इंच |
वजन (Weight) | 69 kg |
कोच (Coach) | पदम बोरो, भास्कर भट्ट |
महिला कोच | संध्या गुरंग, शिव सिंह |
अर्जुन अवॉर्ड (Arjuna Award) | 2006 |
स्कूल (School) | बारापत्थर हाई स्कूल गोलाघाट |
शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification) | हाई स्कूल |
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) | अविवाहित |
धर्म (Religion) | हिंदू |
राष्ट्रीयता (Nationality) | भारतीय |
अवार्ड (Awards) | बॉक्सिंग के लिए अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार |
लवलीना बोरगोहेन का परिवार (Lovlina Borgohain Family)
पिता (Father’s Name) | टिकेन बोरगोहेन |
माता (Mother’s Name) | ममोनी बोरगोहेन |
बहन (Sister) | लीचा बोरगोहेन लीमा बोरगोहेन |
भाई (Brother) | ज्ञात नहीं |
बॉयफ्रेंड (Boyfriend) | ज्ञात नहीं |
हसबैंड (Husband) | अविवाहित |

लवलीना बोरगोहेन का प्रारंभिक जीवन (Lovlina Borgohain Early Life)
लवलीना का जन्म 2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम टिकेन बोरगोहेन और माता का नाम मामोनी बोरगोहेन है। उनके पिता टिकेन एक लघु-स्तरीय व्यापारी है और उन्हें अपनी बेटी की आकांक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक रूप से संघर्ष करना पड़ा। इनकी बड़ी जुड़वाँ बहने लिचा और लीमा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर किकबॉक्सिंग में भाग लिया। किंतु उसे आगे जारी नहीं रख सकी।
बोरगोहेन ने भी अपना करियर एक किकबॉक्सर के तौर पर शुरू किया था। लेकिन बाद में मौका मिलने पर मुक्केबाजी में परिवर्तित कर लिया। भारतीय खेल प्राधिकरण ने उनके हाई स्कूल बर्पथर हाई स्कूल में ट्रायल करवाया, जहाँ लवलीन ने भाग लिया। प्रसिद्ध कोच पदम बोरो ने उनके प्रतिभा को पहचाना और उनका चयन किया। बाद में उन्हें मुख्य महिला कोच शिव सिंह द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।
2022 में लवलीना को असम पुलिस में प्रशिक्षु उप अधीक्षक (DSP) के रूप में शामिल किया गया है। लवलीना ओलंपिक में मेडल जीतने वाली पहली असमिया खिलाड़ी है, जिसके मद्देनज़र उन्हें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने असम पुलिस में शामिल किया है।
लवलीना बोरगोहेन नेटवर्थ (Lovlina Borgohain Networth)
लवलीना बोरगोहेन की नेटवर्थ 1-5 मिलियन डॉलर के लगभग है।
लवलीना बोरगोहेन का करियर (Lovlina Borgohain Boxing Career)
भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) ने मुक्केबाज़ी के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की थी जिसमे लवलीना ने भाग लिया और यही से उनकी किस्मत चमक गयी.कोच पदम बोरो ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनका चयन कर लिया। मुख्य महिला कोच शिव सिंह के द्वारा भी लवलीना ने बॉक्सिंग के गुण सीखे। लवलीना की सबसे बड़ी इंस्पिरेशन बॉक्सर मैरी कॉम है।
बोरगोहेन के करियर का सबसे बड़ा अवसर तब आया जब उन्हें 2018 के राष्ट्रमंडल में वेल्टरवेट मुक्केबाजी श्रेणी में भाग लेने के लिए चुना गया I हालाँकि क्वाटरफाइनल में वह ब्रिटेन की सैंडी रयान एस हार गई I 2018 के राष्ट्रमंडल खेलो में चयन का परिणाम इंडियन ओपन के आरंभिक सफलताओं में देखने को मिला।
फरवरी में हुए अंतराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप – जहाँ उन्होंने वेल्टरवेट श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता I नवंबर 2017 वियतनाम हुए एशियाई मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता और जून 2017 में ही अस्थाना में आयोजित प्रेसिडेंट्स कप में कांस्य पदक अर्जित किया।
जून 2018 में बोरगोहेन ने मंगोलिया में उलानबातर में रजत पदक जीता और सितम्बर 2018 में पोलैंड में 13वीं अन्तराष्ट्रीय सिलेसियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया।
इन्होंने नई दिल्ली में आयोजित AIBA महिला विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ इन्होंने 23 नवंबर 2018 को वेल्टरवेट (69 कि०ग्रा०) श्रेणी के अंतर्गत कांस्य पदक अपने नाम किया।
बोरगोहेन 3 अक्टूबर से 13 अक्टूबर, उलन-उड़े, रूस, में बिना किसी ट्रायल के अपने दुसरे विश्व महिला मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप के लिए चुनी गईI वह सेमी-फाइनल में 69 कि०ग्रा० श्रेणी में 2-3से चीन की यांग लिउ से हार गई और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
मार्च 2020 में एशिया/ओसनिया ओलंपिक क्वालीफ़ायर मुक्केबाज़ी टूर्नामेंट 2020 में बोरगोहेन ने मुफतुनाखोंन मेलिएवा पर 5-0 से जीत के साथ 69 कि०ग्रा० में अपनी ओलंपिक बर्थ सुनिश्चित की। इसके साथ ही वह असम की अब तक की पहली महिला-खिलाड़ी बनी जिसने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया हो।
अगस्त 2021 में आयोजित टोक्यो ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 2020 में बोर्गोहेन ने कांस्य पदक जीता। 12 जनवरी 2022 को लवलीना बोरगोहेन को असम पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।
लवलीना बोरगोहेन का टोक्यो ओलिंपिक में प्रदर्शन (Lovlina Borgohain Tokyo Olympic)
भारतीय मुक्केबाज लवलीना ने शुक्रवार 30 जुलाई 2021 को हुए मुक्केबाजी के मुकाबले में चीनी मुक्केबाज ताइपे की चेन निएन-चिन को हराकर सेमीफइनल में अपनी जगह पक्की करी है। लवलीना के सेमीफइनल में पहुंचने से भारत के लिए कांस्य पदक तो पहले ही पक्का हो गया था। हालाँकि भारत के लोगो ने उनसे रजत या स्वर्ण पदक की उम्मीद लगाई हुयी थी। टोक्यो ओलिंपिक में लवलीना ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
चीनी मुक्केबाज़ ताइपे की चेन निएन-चिन को हराने से पहले उन्होंने जर्मनी की मुक्केबाज नादिन एपेट्ज को हार का स्वाद चखाया। लवलीना बॉक्सिंग के मैच के शुरुआती क्षणों से ही काउंटर अटैक की रणनीति अपनाती है, जिसका फायदा इनको खेल के अंत में मिलता है।
लवलीना ने 4 अगस्त 2021 में अपने सेमीफाइनल मैच में तुर्की की नंबर वन खिलाडी बुसेनाज सुरमेनेली से भिड़ी लेकिन इस मैच में लवलीना को हार का सामना करना पड़ा ,हालाँकि लवलीना ने कांस्य पदक जीता।
लवलीना बोरगोहेन अवार्ड (Lovlina Borgohain Awards)

- असम सौरव, असम का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार- 2021
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा मुक्केबाजी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया।
- भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार 2021 में।
लवलीना बोरगोहेन की उपलब्धियाँ (Lovlina Borgohain Achievements)
वर्ष | प्रतियोगिता | आयोजन स्थल | पदक |
2017 | विश्व चैंपियनशिप | हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम | कांस्य |
2018 | एशियाई चैंपियनशिप | नई दिल्ली ,भारत | कांस्य |
2019 | विश्व चैंपियनशिप | उलान-उडे,रूस | कांस्य |
2021 | एशियाई चैंपियनशिप | दुबई ,अरब अमीरात | कांस्य |
2023 | विश्व चैंपियनशिप | नई दिल्ली ,भारत | स्वर्ण पदक |
वर्ल्ड चैंपियनशिप 2023 में जीता स्वर्ण पदक
लवलीना ने अपने करियर में एक और शानदार कामयाबी हासिल की, उन्होंने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह कामयाबी 75 किलोग्राम भार वर्ग में हासिल की।
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FAQ :
Q : लवलीना बोरगोहेन की उम्र कितनी है ?
Ans : 25 वर्ष
Q : लवलीना बोरगोहेन की हाइट कितनी है ?
Ans : 5 फुट 10 इंच
Q : लवलीना बोरगोहेन का पूरा नाम क्या है ?
Ans : लवलीन बोरगोहेन
Q : लवलीना बोरगोहेन किस खेल से सम्बन्धित है ?
Ans : बॉक्सिंग
Q : लवलीना बोरगोहेन के पिता का नाम क्या है ?
Ans : टिकेन बोरगोहेन
Q : लवलीना बोरगोहेन का जन्म कब और कहाँ हुआ हुआ ?
Ans : 2 अक्टूबर 1997,गोलाघाट असम, इंडिया .
Q : लवलीना बोरगोहेन किस कैटेगरी में खेलती हैं ?
Ans : 69 kg
Q : लवलीना बोरगोहेन ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कौन सा पदक जीता ?
Ans : स्वर्ण पदक
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