लक्ष्य सेन का जीवन परिचय, उम्र, परिवार, शिक्षा, नेटवर्थ, रैंकिंग, पदक, रिकॉर्ड | Lakshya Sen Biography in Hindi

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लक्ष्य सेन का जीवन परिचय, भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी, जन्म, उम्र, परिवार, शिक्षा, सैलरी/नेटवर्थ, रैंकिंग, पदक, रिकॉर्ड, अवार्ड्स [Lakshya Sen Biography in Hindi] (Indian Badminton Player, Birth, Age, Family, Education, Salary/Net Worth, Ranking, Awards, Medal, Records)

उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले के निवासी लक्ष्य सेन एक भारतीय युवा बैडमिंटन खिलाड़ी है। जिन्होंने वर्ष 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था और 53 साल बाद भारत को इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक दिलाया।

नवम्बर 2021 में हुएलवा (स्पेन) में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में लक्ष्य सेन ने भारत को कांस्य पदक जीताया है।और भारत के प्रसिद्ध खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत को रजत पदक दिलाया। इन दोनों ने अपनी इस जीत से भारत को गौरवान्वित किया है। इन दोनों खिलाड़ियों का नाम प्रसिद्ध खिलाड़ियों में आता है।

लक्ष्य सेन का जीवन परिचय (Lakshya Sen Biography in Hindi)

नाम (Name)लक्ष्य सेन (Lakshya Sen)
जन्म (Birth)16 अगस्त 2001
जन्म स्थान (Birth Place)अल्मोड़ा (उत्तराखंड)
उम्र (Age)21 वर्ष (2022)
गृहनगर (Hometown)अल्मोड़ा
दादा जी (Grand Father)चंद्र लाल सेन
पिता (Father’s Name)श्री डीके सेन (राष्ट्रीय कोच)
माता (Mother’s Name)निर्मला सेन (स्कूल टीचर)
भाई (Brother)चिराग सेन (अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी)
पेशा (Profession)बैडमिंटन खिलाड़ी
हाइट (Height)1.79 m , 5 fit 10 inch
वजन (Weight)50 Kg
वर्तमान रैंकिंग
(Current Ranking)
17
कोच (Coach )प्रकाश पादुकोण
विमल कुमार
डीके सेन
शिक्षा (Education)प्रकाश पादुकोण अकैडमी बेंगलुरू से ट्रेनिंग
धर्म (Religion)हिंदू
जाति (Caste)कुमाऊनी
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
नेटवर्थ (Networth)1-5 million

लक्ष्य सेन का जन्म, परिवार, शिक्षा (Lakshya Sen Family)

लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त 2001 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ। लक्ष्य सेन मूल रूप से सोमेश्वर के गांव रस्यारा के रहने वाले हैं ,लेकिन इनका परिवार अल्मोड़ा के तिलकपुर मोहल्ले में रहता है।

इनके पिता का नाम धीरेंद्र के.सेन है। जो भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI )में राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच है। इनकी माता का नाम निर्मला सेन है ,जो एक स्कूल टीचर है। इनके बड़े भाई चिराग सेन हैं। जो अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।लक्ष्य सेन के दादाजी चंद्र लाल सेन जिला परिषद में नौकरी करते थे और सिविल सर्विसेज में राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए कई पुरस्कार भी जीते। चिराग सेन को पुरुष एकल स्पर्धा में बीडब्ल्यूएफ (BWF )द्वारा 236 वा स्थान दिया गया है।

लक्ष्य सेन ने 12वीं तक की शिक्षा बीयरशिवा स्कूल ,अल्मोड़ा से पूरी की।

लक्ष्य सेन का करियर (Lakshya Sen Career)

जब लक्ष्य सेन 10 साल के थे तब वे अपने पिता के साथ यूनियन बैंक ऑल इंडिया बैडमिंटन सब जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट में जाते थे। उस समय उनके बड़े भाई चिराग टूर्नामेंट खेलते थे। अपने पिता और भाई को देखकर लक्ष्य में भी खेलने का जज्बा जगा और उन्होंने ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। लक्ष्य को प्रकाश पादुकोण ने खेलने की ट्रेनिंग दी। लक्ष्य को पहली बार खेलते देख प्रकाश पादुकोण काफी प्रभावित हुए और तभी से उन्होंने सोच लिया कि यह भविष्य में कुछ जरूर अच्छा करेंगे।

lakshay sen

लक्ष्य को विरासत में यह टैलेंट मिला था। क्योंकि उनके पिता डीके सेन भारत के जाने-माने बैडमिंटन कोच है।और उनके भाई भी एक बैडमिंटन खिलाड़ी है।प्रकाश पादुकोण की एकेडमी में ट्रेनिंग लेने के बाद लक्ष्य सेन ने तुरंत उड़ान भरी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के बीच अंडर -13 , अंडर -17 और अंडर -19 राष्ट्रीय टूर्नामेंट में आसानी से जीत हासिल की।

आश्चर्य की बात यह थी कि जब उन्होंने अंडर -15 राष्ट्रीय पदक हासिल किया था तब वह सिर्फ 19 साल के थे और इसीलिए उनसे उम्मीदें भी ज्यादा थी। जूनियरस में अच्छा प्रदर्शन करना एक बहुत ही मुश्किल काम है। जैसे- जैसे उन्होंने एकेडमी में अधिक समय बिताया उनका खेल और अधिक सुधरने लगा और नए कौशल विकसित होने लगे।

वर्ष 2016 में लक्ष्य सेन ने पहली बार एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। जहां उन्होंने थाईलैंड में जूनियर विश्व नंबर वन को आसानी से हरा दिया। उसके बाद वे स्पेन में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में खेलने गए ,लेकिन हार गए। उसके बाद इन्होंने हैदराबाद में सत्स इंडिया इंटरनेशनल सीरीज में अंतरराष्ट्रीय पदक जीता। 2017 में इन्होंने अपने नाम पर कई खिताब जीते और भारत अंतरराष्ट्रीय श्रंखला और यूरेशियन बल्गेरियाई ओपन जीता।

यह दोनों BWF अंतरराष्ट्रीय चुनौती /श्रंखला है। सेन टाटा ओपन इंटरनेशनल में उपविजेता भी रहे।2018 में उन्होंने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीता। उसके बाद 2018 में ब्यूनस आयर्स में युवाओलंपिक में ,युवा पुरुष एकल के फाइनल तक पहुंचे और रजत पदक जीते। ये युवा ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय शटलर बन गए।

लक्ष्य सेन के मेडल (Lakshya Sen Medal)

वर्ष प्रतियोगिताप्रतिस्पर्धापदक
2016एशियाई जूनियर चैंपियनशिप (बैंकॉक)लड़कों के एकल कांस्य
2018युवा ओलंपिक खेल (ब्यूनस आयर्स)मिश्रित टीम गोल्ड
2018एशियाई जूनियर चैंपियनशिप (जकार्ता) लड़कों के एकलगोल्ड
2018विश्व जूनियर चैंपियनशिप (मार्खम) लड़कों के एकलकांस्य
2018युवा ओलंपिक खेल ब्यूनस (आयर्स) लड़कों के एकलरजत
2020एशिया टीम चैंपियनशिप (मनीला) पुरुषों की टीमकांस्य
2021विश्व चैंपियनशिप (हुएल्वा) पुरुष एकल कांस्य

लक्ष्य सेन की उपलब्धियां (Lakshya Sen Achievements)

1 – 2016 और 2017 में इन्होंने भारत अंतरराष्ट्रीय सीरीज टूर्नामेंट को जीता।

2 – वर्ष 2017 ,फरवरी में बीडब्ल्यूएफ(BWF) विश्व जूनियर रैंकिंग में दुनिया के नंबर 1 जूनियर एकल खिलाड़ी बने।

3 – वर्ष 2018 में पुरुषों के सिंगल्स में BWF विश्व जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।

4 – वर्ष 2018 में ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक में पुरुष सिंगल्स में रजत पदक और पुरुष मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

5 – 2018 में एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में पुरुषों की एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक और 2016 में इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

6 – वर्ष 2018 में फिर से स्वर्ण पदक जीता और 2017 के पुरुष एकल टाटा ओपन इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज में रजत पदक जीता।

7 – लक्ष्य सेन ने 2020 एशिया टीम चैंपियनशिप में पुरुषों की टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

8 – लक्ष्य सेन ने अंडर -13 ,अंडर -15 ,अंडर -17 ,अंडर -19 टूर्नामेंट में जीत हासिल की है।

9 – लक्ष्य ने विश्व बैडमिंटन चैंपियन लोह कीन यीव को इंडिया ओपन -2022 के फाइनल में हराकर पुरुष एकल वर्ग का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने यह मैच 24-22 , 21-17 से जीता।

ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2022

1980 में बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण ने ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीता था। उसके बाद इस खिताब को 21 वर्ष बाद 2001 में पुलेला गोपीचंद ने जीता और फिर 21 वर्ष बाद लक्ष्य सेन ने मलेशिया के ली जी जिया को हराकर इस मैच के फाइनल में पहुंचे, लेकिन हार गए।

विश्व के 11वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य सेन विश्व के नंबर एक खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसेन से 20 मार्च 2022 को 10-21, 15-21 से हार गए। विक्टर एक्सेलसेन टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं। इन दोनों के बीच मुकाबला 53 मिनट तक चला। विक्टर ने पहले गेम में ही लक्ष्य सेन से 5-0 की बढ़त बनाकर उन पर दबाव डाल दिया था। लक्ष्य ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन इतिहास दोहराने में नाकामयाब रहे और यह मैच भारत के हाथ से निकल गया।

लक्ष्य सेन अवार्ड्स (Lakshya Sen Awards)

Lakshya Sen
Lakshya Sen Arjun Award 2022 Image Credit : Social Media
  • लक्ष्य सेन को राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू द्वारा अर्जुन पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया।

लक्ष्य सेन सोशल मीडिया (Lakshya Sen Social Media)

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लक्ष्य सेन इंस्टाग्राम (Lakshya Sen instagram)

FAQ :

Q : लक्ष्य सेन की उम्र और हाइट क्या है ?

ANS : 20 वर्ष , 5 fit 10 inch

Q : लक्ष्य सेन की रैंकिंग क्या है ?

ANS : 17

Q : लक्ष्य सेन की नेटवर्थ क्या है ?

ANS : 1-5 MILLION

Q :लक्ष्य सेन के माता -पिता का नाम क्या है ?

ANS : पिता-धीरेंद्र के सेन , माता – निर्मला सेन

Q : लक्ष्य सेन के भाई का नाम क्या है ?

ANS : चिराग सेन

Q : लक्ष्य सेन किस खेल से संबंधित है ?

ANS : बैडमिंटन

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