म्यूचुअल फंड्स क्या है | म्यूचुअल फंड्स में कैसे निवेश करें

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म्यूचुअल फंड्स क्या है | म्यूचुअल फंड्स में कैसे निवेश करें,म्यूच्यूअल फंड का प्रयोग कब और कैसे करें, क्या म्युचुअल फंड सही है ,म्युचुअल फंड के फायदे व नुकसान [ What is mutual fund ] ( how mutual fund works ,How to Invest in Mutual Funds, when and how to use mutual fund, is mutual fund right, advantages and disadvantages of mutual fund ]

म्यूच्यूअल फंड क्या है (What is Mutual Fund)

दोस्तों आज हम म्यूच्यूअल फंड के बारे में बात करेंगे कि म्यूच्यूअल फंड क्या है और यह कैसे काम करता है। हम टीवी पर, मोबाइल ,यूट्यूब पर काफी सारे वीडियोज देख चुके हैं ,कि म्यूच्यूअल फंड क्या है। और यह भी देखते हैं कि म्यूचुअल फंड सही है। लेकिन मन में कहीं ना कहीं यह डर होता है ,कि कहीं म्यूच्यूअल फंड नुकसान तो नहीं करा देगा या फिर इसे करने का कोई फायदा है भी या नहीं। तो इसी बात को क्लियर करने के लिए आज हम आपको सरल भाषा में म्यूचुअल फंड के बारे में सारी जानकारी देंगे।

दोस्तों म्यूच्यूअल फंड में के बारे में जाने से पहले यह बात जानना जरूरी है कि अगर आपने सबसे बेकार स्कीम लेकर म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और वह 10 साल तक लगातार चलता है। तो आपको 9 से 10 पर्सेंट का लाभ अवश्य होगा और यदि आप सलाहकारों की मदद से एक अच्छे फंड में निवेश करते हैं। तो आपको 22 से 23 पर्सेंट का लाभ हो सकता है। अगर आप इस फंड को लोंग समय के लिए निवेश करें तो। इसलिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आप को डरने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि इसमें निवेश करने से नुकसान ना के बराबर होता है ,लेकिन अगर आप इसे लंबे समय के लिए करते हैं तो।

म्यूचुअल फंड में निवेश करना आज के समय में बहुत जरूरी है। क्योंकि आपको रिटर्न अच्छा मिलता है और आप अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड का अर्थ कुछ लोगों को लगता है कि शेयर मार्केट में निवेश करना है। लेकिन म्यूच्यूअल फंड से आप गोल्ड, रियल एस्टेट ,डेट फॉर्म ,शेयर बाजार या इक्विटी में निवेश कर सकते हैं।म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानने से पहले हमें शेयर बाजार के बारे में जानने की आवश्यकता है। क्योंकि म्यूच्यूअल फंड के जरिए जो पैसा हम इन्वेस्ट करते हैं। उसे कंपनी के इन्वेस्टर शेयर मार्केट में ही लगाते हैं।

दोस्तों शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने के 3 तरीके हैं –

1 – पहला कि आप खुद सर्च करें रिसर्च करें कि ,किस कंपनी में ,कैसे इन्वेस्ट करना है। लेकिन इसमें आपका बहुत सारा समय लगेगा और आपको नॉलेज लेनी पड़ेगी तभी आप यह काम कर सकते हैं।लेकिन इसमें आपको किसी को कमीशन व फीस नहीं देनी पड़ती आप खुद इसे कर सकते हैं।

2 – दूसरा तरीका है कि आप किसी रिसर्च एडवाइजर या फिर इन्वेस्ट एडवाइजर या सलाहकार की मदद ले ले और फिर इन्वेस्ट करें। लेकिन इसमें आपको फीस भी देनी पड़ेगी कमीशन भी देना पड़ सकता है ,तभी आप निवेश कर सकते हैं। लेकिन शेयर खरीदना और बेचना आपको ही करना पड़ता है।

3 – तीसरा तरीका है म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना।इसमें आपको ना ही किसी चीज की नॉलेज लेने की जरूरत है ,ना ही किसी एडवाइजर को फीस देने की जरूरत है ,बल्कि कम पैसे में आप एक अच्छा फंड खरीद सकते हैं। और उसमें निवेश कर सकते हैं। बस आपको एक अच्छा सा फंड सेलेक्ट करना है। बाकी सारा काम म्यूच्यूअल फंड करने वाली कंपनी स्वयं करेगी।

म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है

म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है यह जानने के लिए मान लीजिए आपके पास केवल ₹20000 हैं ,जो आप लगाना चाहते हैं और अगर आप किसी एडवाइजर के थ्रू यह पैसे लगाते हैं। तो वह आपको एडवाइज देगा कि इस कंपनी का फंड ले लीजिए और इसमें इन्वेस्ट कर दीजिये। लेकिन उस कंपनी का फंड ही अगर 20000 रुपये का होगा तो आप कैसे पैसे लगाएंगे। आप नहीं लगा सकेंगे।

इसलिए डायरेक्ट फंड लगाने में यही परेशानी आती है। इसलिए म्यूच्यूअल फंड इस परेशानी को दूर करने के लिए मान लीजिए आपसे ₹500 लेता है और फिर दूसरे व्यक्ति से ₹500 लेता है। ऐसे ही वह सब से पैसे लेकर 60000 रुपये की अमाउंट इकट्ठा कर लेता है। तो वह किसी कंपनी के तीन शेयर खरीद सकता है।

मान लीजिए आपके पास अगर ₹500 हैं तो क्या आप 3 शेयर खरीद पाते तो जवाब होता नहीं ,लेकिन म्यूच्यूअल फंड ने इसे आसान बना दिया। फंड हाउस ने लोगों से पैसा लेकर किसी कंपनी के 3 शेयर खरीद लिए जिसके आप भी एक सदस्य होते हैं।

म्यूच्यूअल फंड कैसे काम करता है यह जानने के लिए मान लीजिए ₹60000 में 12 लोगों ने 3 शेयर किसी कंपनी के खरीद लिए। अब यह 12 लोग इन शेयरों के शेयर होल्डर हो जाएंगे। लेकिन लोग है 12 और शेयर है 3 तो ये बटेंगे कैसे। यह काम म्यूच्यूअल फंड करता है जो आपसे इन 3 शेयरों को खरीद लेता है और आप सभी 12 लोगों को ₹500 की एक यूनिट दे देता है।

जिससे आप सभी 12 लोग इन 3 शेयरों के हिस्सेदार बन जाते हैं। और जो भी प्रॉफिट होता है। उसे इन 12 लोगों में बांट देता है और इस प्रॉफिट का लगभग एक या दो परसेंट अपने पास रखता है। इससे यह पता चलता है कि म्युचुअल फंड कम पैसे में आपको ज्यादा से ज्यादा कंपनियों के शेयर खरीदने का मौका देता है। जो आप डायरेक्ट 20000 रुपये इन्वेस्ट करने पर नहीं खरीद सकते थे। और 500 रुपये में भी नहीं ले सकते थे। अगर आपके पास कम पैसे भी हैं तो आप मैचुअल फंड के द्वारा किसी भी कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं। इसीलिए म्यूच्यूअल फंड लोगों से पैसा इकट्ठा करके उन्हें कम पैसे में ज्यादा प्रॉफिट देता है।

यह सारा काम म्युचुअल फंड एक फंड मैनेजमेंट कंपनी बनाकर करता है। जिसे (AMC एसिड मैनेजमेंट कंपनी ) कहते हैं। यह कंपनी एक फंड को लॉन्च करती है। फिर लोगों से पैसा इकट्ठा करती है ,और जानकारी देती है कि हमने लार्ज कैप या मिड कैप या मल्टी कैप फंड लॉन्च किया है। जिसमें हम छोटी-बड़ी सारी कंपनियों में इन्वेस्ट करेंगे और हमारे पास एक्सपर्ट इन्वेस्टर्स है। जो आपके पैसे को मैरिज करेंगे। और हम आपको अच्छा रिटर्न देंगे। आप अपना पैसा हमारे फंड में लगाइए।

इस तरह कंपनी अपनी सारी जानकारी देती है और बहुत सारे लोग फंड में पैसा लगाते हैं। इस तरह से जो पैसा इकट्ठा होता है ,उसे (AUM एसिड अंडर मैनेजमेंट) कहते है।इस तरह म्यूच्यूअल फंड कंपनी बहुत सारा पैसा इकट्ठा कर लेती है ,और इन पैसों से वह एक अच्छा इन्वेस्टर मैनेजजर खरीदती है। जो हमारे पैसे को अच्छी तरह से मैनेज करता है और हमें प्रॉफिट देता है।

इससे हमें यह फायदा होता है ,कि हमें कम पैसों में अच्छा इन्वेस्ट मैनेजर और बिना फीस दिए एडवाइजर और कम पैसों में ज्यादा कंपनियों के शेयर भी मिल जाते हैं। और म्यूच्यूअल फंड से हम अपना पैसा 2 दिन में निकाल सकते हैं। यानी कि जब हम चाहे तब निकाल सकते हैं। जब चाहे अपने इन्वेस्ट को कम ,ज्यादा कर सकते हैं और बंद भी कर सकते हैं।

म्युचुअल फंड के फायदे व नुकसान

फायदे (Benifits) :

1 – कम पैसों में ज्यादा कंपनियों के शेयर खरीदने का फायदा मिलता है। जो हम डायरेक्ट शेयर खरीदने पर नहीं ले सकते।

2 – म्युचुअल फंड में बहुत सारे लोग मिलकर पैसा लगाते हैं और शेयर खरीदते हैं। जिससे हमें बहुत सस्ते कीमत पर फंड एडवाइजर मिल जाता है और हमें ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते और हमारा पैसा अच्छे से मैनेज भी हो जाता है।

3 – म्यूचुअल फंड में निवेश करने से हमें यह चिंता नहीं होती है ,कि हमें कौन सा शेयर खरीदना है और कौन सा शेयर बेचना है। या फिर कब बेचना है ,कब खरीदना है। यह सारा काम म्युचुअल फंड कंपनी करती है।

4 – म्यूचुअल फंड में हमें एक एसआईपी SIP सेट कर देनी होती है। जो हमारी सैलरी से अपने आप हर महीने कट जाती है। चाहे वह 500 रुपये हो या 1000 या उससे ज्यादा भी। बस आप एक बार सेट कर दे और वह हर महीने अपने आप आपके खाते से कट जाएगी। आपको स्वयं जाकर कहीं ना पैसा जमा करना है और ना ही कुछ करना है। आप अपनी एसआईपी SIP को कभी भी कम ज्यादा या फिर बंद भी कर सकते हैं। इसका कोई चार्ज नहीं पड़ता।

5 – अगर आप की एसआईपी SIP का अमाउंट जमा करने की तारीख को जमा नहीं हो पाता और एसआईपी SIP बाउंस हो जाती है। तो डरने की कोई बात नहीं है। क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता बस आपको कुछ रुपए ही बैंक चार्ज के देने होते हैं और कोई फर्क नहीं पड़ता।

नुकसान (Disadvantages)

1 – कुछ म्यूच्यूअल फंड कंपनियां ऐसी होती है ,जिन्हें केवल लोगों से पैसा इकट्ठा करने से मतलब होता है। वह सोचती है कि वह ज्यादा से ज्यादा पैसा इकट्ठा करें और शेयर मार्केटिंग करें और इनवेस्टर एडवाइजर खरीदें। उन्हें लोगों के प्रॉफिट या फिर पैसे से कोई लेना देना नहीं होता।

क्योंकि जितना ज्यादा फंड आएगा उसका एक से दो परसेंट कंपनी अपने पास रख लेती है और उन्हें केवल कितना पैसा आ रहा है इसी से मतलब होता है। और कितना वे कमाएंगे। उन्हें बस पैसा कमाने से मतलब होता है ना कि पैसे को अच्छी तरह से मैनेज करने से जो एक नुकसान है।

2 – म्यूच्यूअल फंड मैनेजर के हाथ में यह नहीं है कि वह कब शेयर खरीदे और कब बेचे। यह जनता यानी लोगों पर डिपेंड करता है ,कि वह अपना पैसा कब वापस चाहते हैं। और कब जमा करना चाहते हैं। जब आप उन्हें म्यूच्यूअल फंड के लिए पैसा देंगे तभी वे शेयर खरीदेंगे और जब आप अपना पैसा वापस मांगेगे तभी वह शेयर बेचेंगे।

इससे यह होता है कि जब बाजार में गिरावट आती है उस समय लोग घबरा जाते हैं और अपना पैसा निकालना चाहते हैं। इसलिए मैनेजर को मजबूरी में घाटा होने पर भी शेयर बेचने पड़ते हैं और आपको आपका पैसा वापस करना पड़ता है। जिससे आपको और म्यूच्यूअल फंड कंपनी को नुकसान होता है।

3 – म्यूच्यूअल फंड का सारा परफॉर्मेंस उस फंड के फंड मैनेजर और रिसर्च टीम पर निर्भर होता है।क्योंकि उस रिसर्च टीम को अपनी जॉब को भी बचाना होता है। इसलिए वह रिस्क नहीं लेते और अगर कोई फंड ज्यादा रिटर्न दे रहा होता है तो वह उसे रिस्क होने के डर से नहीं खरीदते। क्योंकि वह रिस्क नहीं लेना चाहते।

जिससे हमें कई बार रिटर्न ज्यादा नहीं मिल पाते और जितना हम सोचते हैं उतना प्रॉफिट नहीं होता। लेकिन यह नुकसान डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट करके नहीं होता। क्योंकि इसमें आप खुद तय करते हैं कि कौन सा फंड खरीदें जो रिटर्न अच्छा देगा। चाहे उसमें रिस्क हो या ना हो। आप अपने हिसाब से छोटी या बड़ी कंपनी में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

म्यूच्यूअल फंड का प्रयोग कब और कैसे करें

म्यूच्यूअल फंड का यूज करने के लिए आपको अपने भविष्य के गोल सेट करने चाहिए। जैसे आपको अगर अपने बच्चों की शादी करनी है या फिर पढ़ाई करवानी है, या 20 साल बाद आप का रिटायरमेंट होने वाला है। तो आप आज ही से कोई अच्छा सा म्यूच्यूअल फंड सेलेक्ट कर लें और उसमें निवेश करें। ताकि आने वाले 15 – 20 सालों के बाद आपको एक अच्छा रिटर्न मिल जाए। जिससे आपके सारे काम पूरे हो जाए और आपको दिक्कत भी ना आए। इसलिए आप एक फंड बच्चों की पढ़ाई के लिए ,एक फंड उनकी शादी के लिए और एक फंड अपने रिटायरमेन्ट के लिए आज ही से कर लेना चाहिए।

एक हाई रिस्क फंड आप और ले सकते हैं। अगर यदि आप का गोल है कि आपको कुछ समय बाद विदेश में वैकेशन पर जाना है। यह हाई रिस्क फंड हो सकता है। क्योंकि अगर इसमें फायदा हुआ तो आप ज्यादा पैसा कमा कर और अच्छा वेकेशन कर सकते हैं। अगर नुकसान हुआ तो आप कम पैसों में अपने देश में ही वैकेशन पर इंजॉय कर सकते हैं। इसलिए आपको एक ऐसा हाई रिस्क फंड भी खरीद लेना चाहिए जो आपकी इच्छा को पूरा कर सकें।

इसलिए बच्चों की एजुकेशन,शादी के लिए रिस्की फंड नहीं ले सकते। उसके लिए हमें सेव फंड ही लेना चाहिए। और हॉलीडे के लिए हम एक रिस्की फंड ले सकते हैं ,जिसमें कुछ भी हो सकता है।

दोस्तों यह सारी बातें आपके ऊपर निर्भर करती है ,कि आपके पास निवेश करने के लिए कितना पैसा है और आपकी कितनी क्षमता है रिस्क लेने की। तो आप अपने हिसाब से ही किसी भी फंड की सही जानकारी लें और निवेश करें।

क्या म्युचुअल फंड सही है

दोस्तों म्यूच्यूअल फंड सही है या नहीं यह जानने के लिए सबसे पहले हमें तीन बातें जानना जरूरी है।

1 – पहली कि म्यूच्यूअल फंड सबके लिए सही है। या किस किस को म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने की जरुरत है।

2 – कौन सी स्कीम में निवेश करना सही है और किस के हिसाब से कौन सी स्कीम में निवेश करना सही है।

3 – और तीसरी बात कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सही समय क्या है। क्या आप किसी भी समय निवेश कर सकते हैं ,या फिर किसी अच्छे समय में निवेश करना सही है और इससे फायदा होता है।

FAQ :

Q : म्यूच्यूअल फंड क्या है ?

ANS – म्यूच्यूअल फंड का अर्थ कुछ लोगों को लगता है कि शेयर मार्केट में निवेश करना है। लेकिन म्यूच्यूअल फंड से आप गोल्ड, रियल एस्टेट ,डेट फॉर्म ,शेयर बाजार या इक्विटी में निवेश कर सकते हैं।म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानने से पहले हमें शेयर बाजार के बारे में जानने की आवश्यकता है। क्योंकि म्यूच्यूअल फंड के जरिए जो पैसा हम इन्वेस्ट करते हैं। उसे कंपनी के इन्वेस्टर शेयर मार्केट में ही लगाते हैं।

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